पुलिस से लोगों ने कहा- हमें बनना है वॉलिंटियर्स : इंदौरियों में दिखा मॉक ड्रिल में हिस्सा लेने का जुनून; 1 हजार कर्मचारी भी हुए शामिल

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इंदौर में भी मॉक ड्रिल की गई। यहां भी इंदौरियों का जुनून कम नहीं था। कई लोगों ने फोन कर कहा कि उन्हें मॉक ड्रिल के लिए वॉलिंटियर्स बनना है। इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों के एक हजार से ज्यादा लोग शामिल थे। जिन्होंने इस पूरी मॉक ड्रिल को आपसी समन्वय के साथ पूरा किया।

इंदौर में तीन जगह की गई मॉक ड्रिल
बुधवार को तीन जगह मॉक ड्रिल की गई। इसमें पहली मॉक ड्रिल डेंटल कॉलेज में की गई। दूसरी मॉक ड्रिल रेसीडेंसी कोठी में की गई, जबकि तीसरी मॉक ड्रिल एमजीएम बॉयस होस्टल में की गई।

तीसरे मॉक ड्रिल उस वक्त शुरू की गई, जब पूरे शहर में ब्लैक आउट किया गया था। मॉक ड्रिल में धमाकों, आग लगने, हमले की आशंका सहित हमला होने की स्थिति में कैसे लोगों को और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को अस्पताल भेजने, आग बुझाने जैसे मॉक ड्रिल इसमें की गई।

मॉक ड्रिल से सीखने को मिला
मॉक ड्रिल के बाद एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने कहा कि ये प्रिकॉशनरी मेजर है। हमारी तैयारी कैसी है, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कैसा है। सिविल डिफेंस किस तरह से काम कर रहा है। प्रशासन, होमगार्ड की टीम, पुलिस टीम को ऐसी इमरजेंसी की स्थिति में किस तरह से रिस्पॉन्स करना चाहिए, किस तरह से कोआर्डिनेशन करना चाहिए।

इस सबको लेकर हमने 4 से 8 बजे तक मॉक ड्रिल की। उद्देश्य बहुत ही स्पष्ट है कि हम चाहते हैं कि अपनी पूरी तैयारी का मूल्यांकन कर ले। कहां दिक्कतें हैं, उनका निर्धारण कर लें। कैसे और बेहतर तरीके से समन्वय स्थापित कर सकते हैं इसकी तैयारी कर लें।

ये एक ड्रिल है, जो सिविल डिफेंस प्लानिंग का एक पार्ट होती है। इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला और समन्वय के स्तर पर हमें और बेहतर कहां करना है उसके लिए भी हम कमर कस कर तैयार हैं।

फोन करके कहा वॉलिंटियर्स बनना है

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि वॉलिंटियर्स के पाइंट ऑफ प्यू से लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इंदौर की अपनी एक तासीर है। लोगों ने फोन करके कहा कि वो वॉलिंटियर्स बनना चाहते हैं।

ये स्वागत योग्य कदम है। पुलिस प्रशासन, होम गार्ड, एसडीईआरएफ सभी ने जो भी हमें टास्क दिया था उसका हमने बेहतर तरीके से निष्पादन किया है।

जहां कमी रह गई है उसको दुरुस्त करेंगे। बेहतर तरीके से मॉक ड्रिल करेंगे। बहुत से संगठन और स्थानीय नगर रक्षा समिति की टीम, नेहरू युवा केंद्र, एनसीसी के लोग इन सभी ने बढ़-चढ़कर मॉक ड्रिल में भाग लिया। सभी ने कहा कि जह भी आपको जरूरत होगी वे सभी तत्पर है, इसमें भाग लेने के लिए।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया-

मॉक ड्रिल में एक हजार से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। पुलिस के 500 से ज्यादा अधिकारी-पुलिसकर्मी लगे थे। वहीं, एसडीईआरएफ, होमगार्ड की टीम, शासन की टीम, नगर निगम की टीमें भी मॉक ड्रिल में शामिल रहीं। सभी ने बेहतर तरीके से काम किया है। सभी विभागों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाई।

देखिए एमजीएम बॉयस होस्टल की मॉक ड्रिल

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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