भारत पाक तनाव : भारत ने एस-400 सिस्टम से पाकिस्तानी हमले को किया नाकाम, हार्पी ड्रोन्स का किया इस्तेमाल

भारत ने एस-400 मिसाइल सिस्टम से पाकिस्तान के हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले की नापाक कोशिश की थी, लेकिन एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के सामने उसकी एक न चली और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।

क्या है एस-400 वायु रक्षा प्रणाली
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली उपकरणों का एक नेटवर्क है, जिसे हवाई खतरों से निपटने के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माना जाता है। यह किसी भी संभावित खतरे को हवा में ही तबाह करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के खतरे को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है। इसकी रेंज 40 से 400 किलोमीटर के बीच है। भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सौदा हुआ था। सौदे के तहत भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीन रेजीमेंट मिल चुकी हैं। भारत को अभी दो और रेजीमेंट मिलनी हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उनमें देरी हुई है और अब उनके साल 2016 में मिलने की उम्मीद है।

S400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं। मतलब आठ लॉन्चिंग ट्रक और हर एक ट्रक में चार लॉन्चर होते हैं। हर लॉन्चर से चार मिसाइलें निकलती हैं। मतलब एक रेजीमेंट कभी भी 32 मिसाइलें दाग सकता है। यह आसमान से घात लगाकर आने वाली किसी भी मिसाइल को पलक झपकते ही बर्बाद करने की क्षमता रखता है। यह दुनिया की सबसे सटीक एयर डिफेंस सिस्टम है। खास बात ये है कि किसी भी क्षेत्र से आने वाले न्यूक्लियर मिसाइल को भी ये हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके जरिए दुश्मनों की सीमा के अंदर भी नजर रखी जा सकती है।

इस मिसाइल सिस्टम को नाटो द्वारा SA-21 ग्रोवलर भी कहा जाता है। माइनस 50 से माइनस 70 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में ये काम करने की क्षमता रखता है। इस मिसाइल को नष्ट कर पाना भी काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसकी कोई तय जगह नहीं होती है। इसे असानी से डिटेक्ट भी नहीं किया जा सकता है।

S400 मिसाइल की खासियत

S400 चार रेंज की मिसाइलें होती हैं। ये 40, 100, 200 और 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के किसी भी हथियार को नष्ट करने की क्षमता रखती हैं।
यह 100 से 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हमले से निपटने में सक्षम है।

भारत ने हार्पी ड्रोन्स से पाकिस्तान के रडार सिस्टम को किया तबाह
पाकिस्तान के हमले की कोशिश को नाकाम करने के बाद भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के रडार सिस्टम को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। भारत ने हार्पी ड्रोन्स की मदद से पाकिस्तानी रडार सिस्टम को निशाना बनाया। हार्पी ड्रोन्स को इस्राइल की कंपनी इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है। यह अगली पीढ़ी का लोइटरिंग म्युनिशन सिस्टम है, जो हवा में मंडराते हुए दुश्मन पर नजर रखता है और इशारा मिलते ही उसे तबाह कर देता है।

पाकिस्तानी हमले की कोशिश भारत ने की नाकाम
पाकिस्तान ने बुधवार की रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी शहरों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह से सतर्क थे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के इस हमले को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने भारत के श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना आदि शहरों में ड्रोन्स और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिश की थी। पाकिस्तान ने आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़ में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी हमले की नापाक कोशिश की, लेकिन सभी हमले नाकाम कर दिए गए। इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई ठिकानों पर मौजूद एयर डिफेंस रडार सिस्टम को निशाना बनाया।

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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