यू-ट्यूब से सीखा नकली नोट छापना : घर में A4 साइज पेपर पर करता था छपाई; भोपाल के मार्केट में रात में चलाता था

भोपाल में एक युवक ने यू-ट्यूब वीडियो देखकर नकली नोट छापने की तरकीब सीखी और रात के अंधेरे में उन नोटों को बाजार में चलाने लगा, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस की गिरफ्त में आने तक वह करीब 40 हजार रुपए के नकली नोट खपा चुका था।

आरोपी दिन में स्विगी का डिलीवरी बॉय का काम करता था और रात में नकली नोट लेकर दुकानों और बाजारों में निकल जाता था। पुलिस ने शुक्रवार की रात निशातपुरा क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान उसे पकड़ा। वह एक्टिवा से जा रहा था और पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। शक होने पर उसे रोका गया, तलाशी ली गई तो नकली नोट मिले।

आरोपी अपने ही घर में छाप रहा था नकली नोट

आरोपी की पहचान जाकिर खान के रूप में हुई है, जो कोहेफिजा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह घर पर ही एचपी प्रिंटर और एफ-4 साइज के सामान्य पेपर का इस्तेमाल करके नकली नोट छापता था। शनिवार सुबह पुलिस उसे लेकर उसके घर पहुंची, जहां से 100 रुपए के 72 और 50 रुपए के 59 नकली नोट बरामद किए गए। इसके साथ ही नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर भी जब्त किया गया।

यू-ट्यूब से सीखा नकली नोट छापना

सब-इंस्पेक्टर एमडी अहिरवार के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में वह अकेला ही शामिल था। उसने किसी से कोई ट्रेनिंग नहीं ली, बल्कि यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापना सीखा। फिर घर में ही सेटअप तैयार किया और रात में इन्हें बाजार में चलाना शुरू कर दिया। फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नकली नोट किन दुकानों पर चलाए और क्या किसी बड़े नेटवर्क से इसका कोई संबंध है।

छोटे नोट इसलिए छापे ताकि पकड़ में न आए

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जानबूझकर सिर्फ 50 और 100 रुपए के नोट ही छापता था, क्योंकि इन छोटे नोटों पर लोगों का ध्यान कम जाता है और दुकानदार उन्हें जल्दी पहचान नहीं पाते। इसी वजह से वह करीब छह महीने से ये नोट बाजार में चला रहा था।

मामले से जुड़ी ये भी खबर पढ़ें।

भोपाल में नकली नोट चलाने वाला डिलीवरी बॉय अरेस्ट

भोपाल के निशातपुरा पुलिस ने शुक्रवार की रात वाहन चेकिंग के दौरान नकली नोट खपाने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिखावे के लिए स्विगी कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। आसानी से पकड़ा न जा सके इसलिए केवल 100 और 50 रुपए के ही नकली नोट खुद चलाया करता था।

Author Profile

Reporter
Reporter
Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top