स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर में प्राचार्य एंव अथिति विद्वानों के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा पहुंचा पुलिस थाने

किरनापुर-/ घटना स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर का है जहां 17 मई की दोपहर 03 बजे से 04 के दरमियान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जिसका वीडियो कुछ अतिथि विद्वानों ने अपने मोबाइल से बनाया और अपने जिला एंव प्रदेश स्तरीय कमेटी के ग्रुपो में शेयर कर दिया जो बाद में तेजी से वायरल होने लगा जिसमे स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुनीता जैन अपने पद की गरिमा को तार तार करते हुए चीखते चिल्लाते एंव महिला अतिथि विद्वानों को खींचते हुए अपने कैबिन में लाने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रही है साथ ही वह एक कमरे में जोर जोर से चीखते चिल्लाते फर्श पर नीचे पढ़ी हुई भी दिखाई दे रही है जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर में किसी फिल्म की शूटिंग चल रही हो।

जब हमने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने का प्रयास किया तो शाम 04 बजे किरनापुर थाने में करीब 12-13 महिला, पुरुष अतिथि विद्वान दिखाई दिए जो प्राचार्य की शिकायत करने पुलिस थाना पहुंचे थे।

उक्त घटनाक्रम के बारे में अतिथि विद्धानों ने बताया कि 17 मई की दोपहर करीब 02 बजकर 55 मिनट पर हम सभी अतिथि विद्वान महाविद्यालय परिसर के बाहर गांधी जी प्रतिमा से लगे छायादार पेड़ के नीचे अतिथि विद्वानों के प्रदेश स्तरीय संघठन के निर्देश एंव जिला स्तरीय संघठन के मार्गदर्शन में अपने हक अधिकारों के लिए सरकार के सामने अपनी मांगे रखने को लेकर बैठक ले रहे थे इसमे हमारे महाविद्यालय की गतिविधियों से कोई सम्बन्ध नही था ना ही महाविद्यालय के क्रियाकलापों पर चर्चा हो रही थी।

लेकिन दोपहर 03 बजे महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुनीता जैन जो कि महाविद्यालय से अपने घर के लिए निकल चुकी थी वह आई और जोर जोर से चीखते चिल्लाते हमे डांटने, फटकारने लगी जबकि अतिथि विद्वानों में शामिल डॉ. प्रतिमा चौधरी एंव प्रमोद चौरे को जाती सूचक गालियां देते हुए कहा कि आजकल चम्हार एंव महार भी मुझे ज्ञान देने लगे हैं ।
तुम सभी लोग अंदर आओ हमने भी प्राचार्य कि बातों को स्वीकार किया और महाविद्यालय के बरामदे में पहुंचे ही थे कि प्राचार्य सुनीता जैन ने अपना आपा खो दिया और जोर जोर से चीखने चिल्लाने लगी जिससे हम सभी अतिथि विद्वान डर गए और प्राचार्य को समझाने लगे कि आप शांत हो जाइए लेकिन वह मानने को तैयार नही थी इसी समझाने के दौरान प्राचार्य ने 01 महिला महिला अतिथि विद्वान को धकेल दिया जिससे उसके पैर में चोट लगी है जबकि 02 अन्य अतिथि महिला विद्वानों को खरोंच दिया है जिससे उन्हें काफी घबराहट होने लगी और स्वयं प्राचार्य एक कमरे में चित पड़ी होकर चिल्लाने लगी तभी हम सभी अतिथि विद्वान पुलिस थाना आ गए और किरनापुर थाने में प्राचार्य द्वारा कि गई हरकतों की शिकायत की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महाविद्यालय की प्राचार्य को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरनापुर लाया गया जहाँ उनका भी ईलाज हुआ जबकि घायल 03 अन्य अतिथि विद्वानों का ईलाज एंव एक्सरे भी हुआ है जिसमे 01के पैर में चोट लगी जबकि 02 को नाखून के खरोंचने निशान उभर कर आ गए हैं।

उक्त हाई वोल्टेज ड्रामे में
शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर के अतिथि विद्वानों ने कलेक्टर बालाघाट, पुलिस अधीक्षक बालाघाट, PG महाविद्यालय बालाघाट सहित अजाक्स में शिकायत की है शिकायत करने दौरान महाविद्यालय के करीब 13 अतिथि विद्वान जिनमे
डॉ प्रतिमा चौधरी,डॉ. अंजुम आरा खान,डॉ. सुप्रिया बिसेन
प्रमोद चौरे,भास्कर कुलस्ते,डॉ. अवनीश सिंह,डॉ. रामजी सिंह,डॉ. दीपीका भुवाल,नरेश दमाहे,किशोर सोनवारे,बुध्दवर्धन फुलमारे,लेखराम,डहेरिया,
बिजेन्द्र बरमैया शामिल रहे।

अतिथि विद्धानों ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2025 को महाविद्यालय किरनापुर के अतिथी विद्वानों ने अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा जबलपुर जिनमे डॉ सन्तोष जाटव, डॉ रंजना मिश्रा एंव सेवकराम चौकसे शामिल थे को अपनी मानसिक प्रताड़ना की घटना का पूरा वृतान्त बताया था साथ ही महिला अतिथि के साथ पुरुष अतिथि विद्वानों ने रोते-बिलखते हुए संरक्षण की माँग की थी लेकिन अतिथि विद्वानों की अतिरिक्त सञ्चालक उच्च शिक्षा जबलपुर की टीम में आए अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।

फिलहाल किरनापुर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।

विवादों से पुराना नाता रहा है स्व दिलीप भटेरे शासकीय महाविद्यालय का

स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर में आए दिन आपसी विवाद और अनुशासनहीनता के घटनाक्रम घटित होना अब कोई नई बात नहीं रह गई हैं। फिलहाल स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर में छिंदवाड़ा विश्व विद्यालय एवं भोज मुक्त विश्व विद्यालय की परीक्षाएं आयोजित की गई थी जिसमे कॉलेज प्राचार्य द्वारा प्रथम श्रेणी प्रोफेसर की ड्यूटी ना लगाते हुए आउट सोर्स के चतुर्थ श्रेणो प्रोफेसरों की ड्यूटी लगाया गया था और ऐसा विगत तीन वर्षों से चलता आ रहा हैं। सूत्रों की माने तो आउट सोर्स शिक्षकों के द्वारा परिक्षा में परीक्षार्थियो से पैसे लेकर नकल मारने की छूट देकर माल कमाया जाता रहा हैं यह सिस्टम सभी परीक्षाओ में चल रहा है जो कर्मचारी आउट सोर्स के है उनकी परीक्षा ड्यूटी भी लगाई गई थी जबकि वे स्वयं परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा भी उसी महाविद्यालय में दे रहे थे। जानकारी में बताया गया है कि महाविद्यालय के पास पहले से ही पर्याप्त संख्या में प्रथम श्रेणी प्रोफेसर (विद्वान) उपलब्ध है जो अपनी सेवाएं महाविद्यालय को दे रहे हैं।

छात्र-छात्राओं की बीच हुई मारपीट

परीक्षा के दौरान ही एक अशोभनीय एवं अनुशासनहीनता का मामला महाविद्यालय परिसर में देखने को मिला था ।पीड़ित छात्रा ने बताया कि 20 फरवरी को बीए प्रथम वर्ष की सीसीई की कॉपी जमा करने में दुतीय वर्ष की दो छात्राओं द्वारा बरमईयां सर के कहने पर हम कॉपी जमा कर रहे थे किन्तु काफी समय बीत जाने के बावजूद 03 छात्रों ने हमारे पास कापियर्या जमा ना करते हुए बत्तमीजी करने लगे उसके बाद कक्ष से बाहर निकलते ही अश्लील गालियाँ देते हुए मारने लगे जिससे हमारे कपड़े फट गए और मेरी एक सह छात्रा के गाल पर तमाचा भी जड़ दियागया था। हालांकि उक्त घटना से आहत पीड़ित छात्राओं ने प्रभारी प्राचार्य
को उक्त छात्रों के इस तरह किये गए बर्ताव पर उन्हें दण्डित किए जाने की मांग को लेकर शिकायत पत्र भी सौंपा गया था वहीं इस मामले में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. इंजु खान द्वारा सामंजस्य स्थापित करने की बात कहते हुए गोलमोल जवाब दिया गया।

कॉलेज हैं या कुस्ती का अखाड़ा..!

गत वर्ष भी परीक्षा के संचालन
के दौरान कॉलेज में एक अतिथि विद्वान त्रिवेदी सुलाखे द्वारा छात्रा से अश्लीलता करने पर छात्रों द्वारा उसकी जमकर पिटाई किए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था जिसे कॉलेज प्राचार्य द्वारा अनदेखी कर दिया गया। जबकि दूसरे मामले में इसी कॉलेज में चपरासी ईतेश लिल्हारे द्वारा कॉलेज में काम करने वाली एक महिला सहकर्मी से ही छेड़‌छाड़ करने का आरोप लगा था जिसका मामला फिलहाल माननीय न्यायालय बालाघाट में विचाराधीन हैं। तीसरे मामले में प्राचार्य सुनीता जैन से परेशान होकर पदस्थ यशवंत नगपुरे द्वारा जहर खाने का मामला प्रकाश में आया था जिसका गोंदिया के एक निजी अस्पताल में इलाज चलता रहा जिसे भी प्रशासन द्वारा अंनदेखा कर दिया गया। विगत वर्ष में प्राचार्य द्वारा एक छात्रा को सभी इतना जलील किया गया कि वह आहत होकर बेहोश हो गई थी और उसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसका 15 दिनों तक इलाज चलता रहा।

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में महाविद्यालय के भरस्टाचार की खुली पोल

जब से डॉ. सुनीता जैन ने स्व. दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय का प्रभार 2019 से सम्हाला है तब से महाविद्यालय में भारी अनियमितता के साथ हेरफेर करते हुए राशि का गबन किया गया है फिर चाहे पॉली हाउस के नाम पर हो या फिर प्रयोगशाला की सामग्री खरीदने के मामले में किए गए भरस्टाचार की ।
ऐसी बहुत लंबी फेहरिस्त शामिल हैं जिसमे प्राचार्य सुनीता जैन द्वारा भरस्टाचार को अंजाम दिया गया लेकिन सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के भोजमुक्त विश्विद्यालय की एक माह तक चली परीक्षा अवधि में 24जून 2024 को 01 परीक्षार्थी पर 03 वीक्षण लगाए गए 26 जून को 03 परीक्षार्थी पर 03
वीक्षण लगाए गए जबकि 28 जून 2024 को 02 परीक्षार्थी पर 03 वीक्षण लगाते हुए भारी भरस्टाचार को अंजाम दिया गया है।और यह प्रक्रिया महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुनीता जैन के 2019में प्रभार मिलने के बाद से सतत चल रही है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि स्व दिलीप भटेरे शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय किरनापुर में प्राचार्य द्वारा कितने बड़े पैमाने पर भरस्टाचार को अंजाम दिया गया है।

इनका कहना है।
17 मई की दोपहर करीब 02 बजकर 55 मिनट पर हम सभी अतिथि विद्वान महाविद्यालय परिसर के बाहर गांधी जी प्रतिमा से लगे छायादार पेड़ के नीचे अतिथि विद्वानों के प्रदेश स्तरीय संघठन के निर्देश एंव जिला स्तरीय संघठन के मार्गदर्शन में अपने हक अधिकारों के लिए सरकार के सामने अपनी मांगे रखने को लेकर बैठक ले रहे थे इसमे हमारे महाविद्यालय की गतिविधियों से कोई सम्बन्ध नही था ना ही महाविद्यालय के क्रियाकलापों पर चर्चा हो रही थी।लेकिन दोपहर 03 बजे महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुनीता जैन जो कि महाविद्यालय से अपने घर के लिए निकल चुकी थी वह आई और जोर जोर से चीखते चिल्लाते हमे डांटने, फटकारने लगी और कहा कि तुम सभी लोग अंदर आओ हमने भी प्राचार्य कि बातों को स्वीकार किया और महाविद्यालय के बरामदे में पहुंचे ही थे कि प्राचार्य सुनीता जैन ने अपना आपा खो दिया और जोर जोर से चीखने चिल्लाने लगी जिससे हम सभी अतिथि विद्वान डर गए और प्राचार्य को समझाने लगे कि आप शांत हो जाइए लेकिन वह मानने को तैयार नही थी इसी समझाने के दौरान प्राचार्य ने 01 महिला महिला अतिथि विद्वान को धकेल दिया जिससे उसके पैर में चोट लगी है जबकि 02 अन्य अतिथि महिला विद्वानों को खरोंच दिया है जिससे उन्हें काफी घबराहट होने लगी और स्वयं प्राचार्य एक कमरे में चित पड़ी होकर चिल्लाने लगी तभी हम सभी अतिथि विद्वान पुलिस थाना आ गए और किरनापुर थाने में प्राचार्य द्वारा कि गई हरकतों की शिकायत की है।

हमारे संघठन की अध्यक्ष द्वारा महाविद्यालय परिसर के बाहर बैठक रखी गई थी जिसमे संघठन को लेकर चर्चा की जानी थी लेकिन अचानक प्राचार्य सुनीता जैन आई और मुझे व हमारे महाविद्यालय के ही अतिथि विद्वान प्रमोद चौरे सर को जाति सूचक गालियां देते हुए कहने लगी कि मेरे केबिन में आओ हम सभी बरामदे में पहुंचे ही थे कि प्राचार्य सुनीता जैन ने अपना आपा खो दिया और जोर जोर से चीखने चिल्लाने लगी जिससे हम सभी अतिथि विद्वान डर गए और प्राचार्य को समझाने लगे कि आप शांत हो जाइए लेकिन वह मानने को तैयार नही थी इसी समझाने के दौरान प्राचार्य ने मुझे जातिसूचक गाली देते हुए धकेल दिया जिससे मेरे पैर में चोट लगी है जबकि 02 अन्य अतिथि महिला विद्वानों को खरोंच दिया है जिससे उन्हें काफी घबराहट होने लगी और स्वयं प्राचार्य एक कमरे में चित पड़ी होकर चिल्लाने लगी तभी हम सभी अतिथि विद्वान पुलिस थाना आ गए और किरनापुर थाने में प्राचार्य द्वारा कि गई हरकतों की सूचना दी गई है।

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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