पहली महिला राफेल पायलट, जिन्हें पाकिस्तान में पकड़ने का दावा : शिवांगी सिंह के पिता बोले- सुना तो चिंता हुई जानिए क्या है सच्चाई

पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। इसमें कांधार प्लेन हाइजैक, मुंबई हमले में शामिल बड़े आतंकियों समेत 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब आर्मी, एयरफोर्स और नेवी ने मिलकर किसी ऑपरेशन को अंजाम दिया।

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारत के 5 लड़ाकू विमान मार गिराए। एक दावा यह भी है कि भारतीय वायु सेना की पहली महिला राफेल पायलट शिवांगी सिंह को एयर स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तान ने अपना निशाना बनाया।

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लोगों का दावा है कि शिवांगी बचने के लिए फाइटर जेट से कूद गईं और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार की एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने पाकिस्तान में चल रहे इन दावों को खारिज कर दिया।

शिवांगी को सब जानते हैं, इसलिए उनका नाम चलाया
दैनिक भास्कर की टीम ने वाराणसी में रहने वाले शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि जिस दिन यह खबर वायरल हुई, उस दिन हमें थोड़ी चिंता थी। लेकिन, हम किससे पूछने जाते? कुछ देर बाद हमें सच्चाई पता चली, तो राहत की सांस ली।

पिता कुमारेश्वर कहते हैं- हमारी बेटी सुरक्षित है। हम सभी खुश हैं। वह देश सेवा कर रही है। यह पूरे विश्व को पता है कि पहली राफेल उड़ाने वाली महिला मेरी बेटी शिवांगी है। इसलिए उसके नाम को लोगों ने चला दिया। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हालांकि, पिता ने कैमरे पर बातचीत करने से मना कर दिया।

शिवांगी ने BHU से NCC की

शिवांगी सिंह साल 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं। वाराणसी में उनका परिवार रह रहा है। शिवांगी की मां का नाम सीमा सिंह हैं। वहीं, दो भाई मयंक, शुभांशु और एक बहन हिमांशी सिंह हैं।

शिवांगी वाराणसी में पली-बढ़ीं और BHU से एनसीसी करने के बाद भारतीय वायुसेना की राफेल स्क्वॉड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल किया। वाराणसी ही नहीं, देश में भी वायुसेना की ओर से बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर नजर आईं।

विंग कमांडर अभिनंदन के साथ काम कर चुकीं
महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच के हिस्से के रूप में शिवांगी सिंह को साल- 2017 में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। शिवांगी सिंह ट्रेनिंग के बाद अंबाला में मौजूद भारतीय वायुसेना की 17 स्क्वॉड्रन गोल्डन एरो में शामिल हुईं। वायुसेना में 2017 में शामिल होने के बाद से ही शिवांगी सिंह मिग-21 बाइसन जैसा विमान उड़ा रही हैं। वह अंबाला में भारत के सर्वश्रेष्ठ फाइटर पायलटों में से एक विंग कमांडर अभिनंदन के साथ भी रह चुकी हैं।

पिता का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस, भाई CA
शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी और भाई मयंक वाराणसी में CA हैं। पिता ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। शिवांगी सिंह ने वाराणसी में स्कूलिंग के बाद सनबीम भगवानपुर से BSc की पढ़ाई की थी। उच्‍च शिक्षा के लिए BHU में एडमिशन लिया। साल- 2013 से 2016 तक BHU के एनसीसी की ट्रेनिंग ली थी। BHU में वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वॉड्रन का हिस्सा थीं। इसके बाद साल- 2016 में ट्रेनिंग के लिए वायुसेना अकादमी उन्‍होंने जॉइन की थी।

पाकिस्तानी यूजर्स ने फेक तस्वीर शेयर की, पढ़िए पूरा मामला
पाकिस्तान लगातार भारतीय महिला पायलट की हिरासत का झूठा दावा कर रहा है। अपने दावों को साबित करने के लिए पाकिस्तानी यूजर्स कई फेक फोटो और वीडियो शेयर कर रहे हैं। भास्कर फैक्ट चेक में जानिए क्या है इन फोटो-वीडियो का सच…

वायरल फोटो

Barney Stinson नाम के एक वेरिफाइड यूजर ने जमीन पर घायल हो कर लेटे हुए महिला पायलट का एक फोटो शेयर किया। कैप्शन में लिखा है- ब्रेकिंग: पाकिस्तान में मार गिराए राफेल विमान की पायलट शिवानी सिंह की पहली तस्वीर जारी

सय्यद मोहम्मद हसन नाम के अन्य वेरिफाइड यूजर ने भी इसी दावे के साथ यह फोटो शेयर किया।

फोटो का सच…

वायरल फोटो रिवर्स सर्च करने पर हमें यह फोटो इंडियन डिफेंस न्यूज की वेबसाइट पर खबर के साथ मिली।

वेबसाइट के मुताबिक, 1 जून 2023 की ये फोटो कर्नाटक के चामराजनगर की है। जहां भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग जेट क्रैश हो गया था। प्लेन क्रैश होने से पहले विंग कमांडर तेजपाल और भूमिका पैराशूट के सहारे प्लेन से बाहर निकलने और जमीन पर उतरने में सफल हुए थे।

भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने भी वायरल फोटो का खंडन करते हुए इसे फेक बताया है।​​​​​

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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