कैबिनेट बैठक के पहले हमलावर हुए पीसीसी चीफ पटवारी : मंत्री शाह की बर्खास्तगी, नगर निगम फर्जी बिल घोटाला और नशे की समस्या पर उठाए सवाल

इंदौर

पहली बार इंदौर में हो रही कैबिनेट बैठक को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बैठक के ठीक पहले ट्वीट कर सीएम से जवाब मांगा। पटवारी ने पांच सवाल दागकर सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राजबाड़ा में देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कैबिनेट बैठक के लिए शुभकामनाएं देता हूं। इंदौर, जो स्वच्छता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, आज कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। ये मुद्दे इंदौर की जनता के हित और शहर की गरिमा से सीधे जुड़े हैं।

1. विजय शाह की बर्खास्तगी : सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए आपके मंत्रिमंडल के मंत्री श्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई है, उनकी माफी खारिज की है, और गंभीर धाराओं में FIR का आदेश दिया है। इसके बावजूद, उनकी बर्खास्तगी पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया गया? इंदौर, जो देवी अहिल्याबाई की न्यायप्रिय नगरी है, में आज हो रही कैबिनेट बैठक में क्या विजय शाह को मंत्रिमंडल से हटाकर न्याय की मिसाल पेश की जाएगी? क्या आप उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे जिन्होंने अदालती आदेश की अवहेलना की, और इसकी जांच के लिए समय सीमा तय करेंगे?

2. इंदौर का मास्टर प्लान: इंदौर के लिए ‘विकास योजना-2041’ का मास्टर प्लान कब तक लागू होगा? मई 2024 में विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद प्रगति धीमी है। क्या आज की कैबिनेट बैठक में इसकी स्पष्ट समय सीमा और कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा?
इस मास्टर प्लान में ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, और सांस्कृतिक धरोहरों को संबोधित करने के लिए क्या ठोस प्रस्ताव पेश किए जाएंगे, ताकि इंदौर की बढ़ती आबादी की जरूरतें, विशेषकर ग्रेटर इंदौर कॉरिडोर और सैटेलाइट टाउन जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से पूरी हों।

3. इंदौर नगर निगम में फर्जी बिल घोटाला: इंदौर नगर निगम में 2000 करोड़ रुपए के कथित फर्जी बिल घोटाले की जांच की वास्तविक स्थिति क्या है? कमजोर पैरवी और पुलिस की कथित मिलीभगत से सभी आरोपियों को जमानत मिलने की खबरें जनता में आक्रोश पैदा कर रही हैं। क्या आप इस घोटाले की जांच को तेज करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष जांच समिति गठित करेंगे? प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 125 करोड़ रुपए के घोटाले में छापेमारी की, लेकिन 174 फर्जी फाइलों के गायब होने और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई न होने की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या आज की बैठक में इस घोटाले की जांच को तेज करने की योजना की घोषणा होगी?

4. ट्रैफिक समस्या का समाधान: इंदौर की ट्रैफिक समस्या से आम जनता त्रस्त है। मेट्रो और ट्रैफिक मित्र जैसे प्रयास अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। क्या आज की कैबिनेट बैठक में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने और ‘विकास योजना-2041’ के तहत अलग ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बनाने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी? राजबाड़ा क्षेत्र में बैठक के लिए ट्रैफिक डायवर्शन की योजना बनाई गई है, लेकिन शहर के मध्य क्षेत्रों में रोजमर्रा के जाम और पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान कब तक होगा? क्या आप स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने की समय सीमा तय करेंगे?

5. नशे की बढ़ती समस्या: इंदौर में युवाओं, विशेषकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं में नशे की लत और ड्रग्स से संबंधित हंगामे की खबरें चिंताजनक हैं। पुलिस की छापेमारी के बावजूद नशे की आपूर्ति क्यों नहीं रुक रही? आपकी सरकार की इस दिशा में दीर्घकालिक नीति क्या है? क्या आज की कैबिनेट बैठक में नशे की रोकथाम के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान, काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने, और नशा मुक्ति के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू करने जैसे प्रस्ताव लाए जाएंगे?

कांग्रेस प्रवक्ता ने मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी पर पूछा सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इंदौर के लिए मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी एक्ट लाने की तैयारी कर रही है। दुबे ने इसे पुराना मॉडल बताते हुए ‘ओल्ड स्कूल ऑफ थॉट’ की वापसी की तरह बताया। इंदौर जैसे शहरों को जलवायु परिवर्तन, ट्रैफिक, जल संकट, और आवास जैसे बहुआयामी मुद्दों से जूझना पड़ता है। इनका समाधान मल्टी-सेक्टोरल कोलाबरेशन, इंटर-एजेंसी समन्वय, और सामुदायिक भागीदारी से ही संभव है।

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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