पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार : 3 बार वहां जा चुकी, पाकिस्तानी एजेंट्स को भारत की खुफिया जानकारियां भेजने का शक

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया गया है। हिसार पुलिस ने शनिवार को ज्योति को कोर्ट में पेश कर 5 दिन की रिमांड पर ले लिया।

पिछले एक हफ्ते में ज्योति के अलावा हरियाणा से 3 और पंजाब से 3 पाकिस्तानी जासूस अरेस्ट किए।

हिसार पुलिस के मुताबिक, 15 मई को DSP जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने ज्योति को उसके घर से हिरासत में लिया। उसके खिलाफ हिसार सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है। केंद्रीय एजेंसियां ज्योति से पूछताछ कर रही हैं।

हिसार पुलिस के मुताबिक, ‘ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थी। सोशल मीडिया के माध्यम से भारत की गोपनीय जानकारी भेज रही थी। तीन बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुकी ज्योति पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी।’

ज्योति दो बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई। इसके अलावा एक बार वह करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिये वहां गई।

ज्योति हिसार की रहने वाली, बीए तक पढ़ाई की

ज्योति की उम्र 33 साल है। उसका घर हिसार के न्यू अग्रसेन कॉलोनी में है। BA की पढ़ाई की है। अविवाहित है और ज्यादातर दिल्ली में रहती है। 6 मई को वह हिसार से दिल्ली गई थी।

ज्योति के पिता हरीश कुमार मल्होत्रा बिजली निगम से रिटायर्ड हैं। ज्योति का पासपोर्ट 22 अक्टूबर 2018 को बना था। यह 21 अक्टूबर 2028 तक वैध है। ज्योति और उनके पिता के खिलाफ पुलिस में कोई पुराना मामला दर्ज नहीं है।

ज्योति सोशल मीडिया पर एक्टिव है। फेसबुक और यूट्यूब पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। पिछले 2-3 सालों से वह ‘ट्रैवल विद जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती है, जिसमें देश-विदेश की यात्राओं के वीडियो बनाती है।
पहले वह गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करती थी, लेकिन कोविड के दौरान उसे नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद वह ब्लॉगर बन गई।

ऐसे पाकिस्तानी एजेंट्स के संपर्क में आई ज्योति

  • साल 2023 से जासूसी का शक: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2023 में ज्योति ने पाकिस्तान की यात्रा की थी। यह यात्रा उसने उच्चायोग के जरिए वीजा लेकर की थी। इस दौरान ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान हाई कमीशन के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई, जिसके साथ उसके गहरे संबंध बन गए। दानिश के माध्यम से ज्योति की पहचान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अन्य एजेंटों से कराई गई, जिनमें अली अहसान और शाकिर उर्फ राणा शहबाज (जिसका नाम उसने अपने फोन में ‘जट्ट रंधावा’ नाम से सेव किया था) शामिल थे।
  • सोशल मीडिया के जरिए एजेंटों के संपर्क में रही: रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति इन एजेंटों के साथ वॉट्सएप, टेलीग्राम और स्नेपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क में रही। वह न केवल पाकिस्तान के पक्ष में सोशल मीडिया पर सकारात्मक छवि पेश कर रही थी, बल्कि उसने संवेदनशील जानकारियां भी साझा कीं। ज्योति को दानिश और उसके सहयोगी अली अहसान के जरिए पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों (PIO) से मिलवाया गया, जिन्होंने पाकिस्तान में उसके आने-जाने और रहने की व्यवस्था कराई। उसने एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ गहरे संबंध बनाए और हाल ही में उसके साथ इंडोनेशिया के बाली द्वीप की यात्रा भी की थी।
  • दानिश को इसी महीने भारत छोड़ने को कहा गया: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश को जासूसी में शामिल होने के आरोप में 13 मई 2025 को भारत सरकार ने परसोना नॉन ग्राटा घोषित किया और उसे देश छोड़ने का आदेश दिया गया। ज्योति को जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करे। पाकिस्तान उसका इस्तेमाल भारत के विरुद्ध प्रचार और जासूसी गतिविधियों के लिए कर रहा था।

हरियाणा और पंजाब से पकड़े गए बाकी जासूसों की बारे में जानिए…

नूंह के अरमान ने भारतीय सिम उपलब्ध कराए नूंह के राजाका गांव से 17 मई को पुलिस ने अरमान नामक युवक को गिरफ्तार किया है। उसने पाकिस्तानी एजेंटों के निर्देश पर भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए और 2025 में डिफेंस एक्सपो की साइट का दौरा किया। साथ ही 2023 से इंडिया में बैठे पाकिस्तानी एंबेसी के अधिकारी के संपर्क में था और उसे खुफिया जानकारियां भेज रहा था। पुलिस को उससे एक फोन मिला है। उसे कोर्ट में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

पानीपत से नोमान ISI के हैंडलर के लिए मुखबिरी कर रहा था पानीपत पुलिस ने 14 मई को पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है। वह पानीपत में अपनी बहन के घर आता जाता था। वह ISI के हैंडलर इकबाल उर्फ काना के लिए मुखबिरी कर रहा था। 24 साल का नोमान उसे वीडियो बनाकर भेजता था। पुलिस जांच के मुताबिक उसने हरियाणा और पंजाब के कई संवेदनशील जगहों की जानकारी आतंकियों को दी।

8वीं तक पढ़ा नोमान का पिता अहसान इलाही पासपोर्ट बनाता था। 5 साल पहले पिता की मौत हुई तो नोमान ने यह काम शुरू कर दिया। के रहने वाले नोमान ने पहले वहां पाकिस्तान और दूसरे मुस्लिम देशों में जाने वालों के पासपोर्ट बनाए। इसी दौरान वह आतंकियों के टच में आ गया।

वह पासपोर्ट भी बनवाता है, इसकी जानकारी उसके बहन और जीजा तक को नहीं थी। बहन जीनत ने कहा कि वह मेरे सामने किसी से बात नहीं करता था। जीजा इरफान ने कहा कि वह कई-कई दिन घर से बाहर रहता था। वह हर वक्त मोबाइल पर लगा रहता था।

कैथल का देविंदर सिंह पकड़ा, ISI एजेंटों को जानकारी भेज रहा था कैथल पुलिस ने 16 मई को पाकिस्तान जासूस देविंदर सिंह (25) को गिरफ्तार किया था। वह पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने गया था। जहां एक युवती ने उसे हनीट्रैप में फंसा लिया। इसके बाद उसे 7 दिन अपने पास रखा।

युवती ने उसे पाकिस्तान में जासूसी की ट्रेनिंग दिलाई। फिर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के 5 एजेंटों के साथ संपर्क करा दिया। युवती ने उसे लालच दिया कि अगर वह खुफिया सूचनाएं देगा तो उसकी फ्रेंडशिप और खूबसूरत युवतियों से कराएगी। इसके अलावा उसे रुपए भी मिलेंगे।

युवक लालच में आ गया और सेना से जुड़ी जानकारियां भेजने लगा। पुलिस ने युवक को हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालने के बाद कैथल के गुहला थाने में केस दर्ज कर पकड़ा था। मगर, पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा है।

मालेरकोटला पुलिस ने 2 पकड़े, पाकिस्तानी अधिकारी को जानकारी भेज रहे थे पंजाब के मालेरकोटला में भी महिला सहित 2 लोगों को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक महिला गजाला फरवरी 2025 में वीजा लगवाने के लिए दिल्ली स्थित पाकिस्तानी एंबेसी गई थी, जहां उसकी मुलाकात एक पाकिस्तानी अधिकारी से हुई। इसके बाद गजाला उसकी सोर्स बन गई और भारत के बारे में संवेदनशील जानकारी बताने लगी।

एंबेसी के अधिकारी ने यह जानकारी आगे पाकिस्तान सरकार को दी। इस जानकारी के बदले पाकिस्तानी अधिकारी ने गजाला को ऑनलाइन रुपए भेजे। इसे मामले में महिला के खिलाफ 8 मई को BNS की धारा 152 और सीक्रेट एक्ट 1923 की धारा 3,4,5 के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद 8 मई को उसे नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान गजाला ने माना कि 23 अप्रैल को जानकारी देने के लिए पाकिस्तानी अधिकारी से मिलने गई थी। मार्च 2025 में पाकिस्तानी अधिकारी के कहने पर एक और व्यक्ति से UPI के जरिए 10 हजार मिले। पाकिस्तानी अधिकारी ने उसे बताया यह व्यक्ति भी उसका सोर्स है, जो उसे भारत विरोध जानकारी देता है। 9 मई को उस व्यक्ति यामीन मोहम्मद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को कोर्ट में पेश कर 12 मई तक रिमांड पर लिया गया। इस मामले में अभी भी जांच जारी है।

गुजरात ATS ने जालंधर से जासूस पकड़ा गुजरात ATS ने जालंधर पुलिस की मदद से 16 मई को पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद मुर्तजा अली को जालंधर के भार्गव कैंप क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोपी मुर्तजा बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में गांधी नगर में किराए के मकान में रह रहा था। जांच में खुलासा हुआ है कि अली ने हाल ही में 25 मरले का प्लॉट खरीदा था। यहां वह डेढ़ करोड़ रुपए से कोठी बना रहा था। पुलिस ने उसके बैंक खाते की जांच की तो एक महीने में 40 लाख की संदिग्ध लेन-देन का पता चला।

मुर्तजा ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान एक ऐप बनाया था, जिसके जरिए वह भारतीय न्यूज चैनलों का डेटा और देश के आंतरिक हालातों की खबरें पाकिस्तान भेज रहा था। इसके बदले में उसे पाकिस्तान से मोटी रकम मिलती थी। आरोपी के पास से आरोपी के कब्जे से 4 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद हुए थे। भारत पाकिस्तान युद्ध के कई संदिग्ध वीडियो और न्यूज के लिंक और फोन नंबर मिले थे।

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Head Writer for technology and AI at mpcgsamachar.in. He specializes in demystifying the latest advancements in Artificial Intelligence and the broader tech industry, providing readers with clear, insightful analysis on innovation and its real-world impact.

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