14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी
बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है।
हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है।
सर्चिंग पर निकले थे जवान
जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए।
छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका
जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।