बालाघाट जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच एनकाउंटर

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सुरक्षाबल और माओवादियों के बीच एनकाउंटर हुआ है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना है। मुठभेड़ लांजी थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बाघ नदी के किनारे झुलनापाठ में हो रही है। सुरक्षाबल मौके पर तैनात हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है।

बालाघाट। बालाघाट जिले लांजी थाना अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झुलनापाठ के जंगल में शनिवार सुबह माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना आ रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये स्पष्ट किया है कि जंगल में मुठभेड़ हुई है और मौके पर हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान तैनात हैं।

वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ शनिवार सुबह नौ बजे के आसपास शुरू हुई थी। दो-तीन घंटे के बाद मुठभेड़ रुक गई। फिलहाल सुरक्षा जवान इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मुठभेड़ में माओवादी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी माओवादी का शव नहीं मिला है। इसलिए मुठभेड़ में माओवादी मारे गए हैं या नहीं, ये शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।

14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी

 

बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है।

हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है।

सर्चिंग पर निकले थे जवान

 

जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए।

छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका

 

जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।

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