अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं. लेकिन हम जंग के बीच में इसमें शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह हमारा काम नहीं है और हम इसे कंट्रोल नहीं कर सकते.
उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारतीयों से हथियार डालने को नहीं कह सकता. हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने को नहीं कह सकते. हम डिप्लोमैटिक माध्यमों से इसे हल कर सकते हैं. हमारी उम्मीद है कि मौजूदा स्थिति किसी तरह के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या परमाणु युद्ध में तब्दील नहीं हो. हालांकि, अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होगा.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर मौजूदा स्थिति को लेकर मैं कुछ मदद कर सकूं तो मैं करूंगा. यह भयावह स्थिति है. मेरे भारत और पाकिस्तान दोनों से अच्छे संबंध हैं और मैं चाहता हूं कि दोनों इस मुद्दो को हल करें.
वहीं, इससे पहले पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से भी बड़ा झटका लगा था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी. पाकिस्तान के अनुरोध के बाद की गई इस मीटिंग में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था.
यूएनएससी में बंद कमरे में सोमवार दोपहर को डेढ़ घंटे हुई बैठक के बाद पाकिस्तान की फजीहत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र ने इस बैठक के बाद ना तो किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया और ना किसी तरह का रिजॉल्यूशन पारित किया गया.
इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने लगातार झूठे बयान दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत ने सिंधु नदी समझौते को सस्पेंड करने के कदम को गैरकानूनी करार दिया. इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को खतरा है.